1. तुम्हारे इरादे पता है मुझे कहती हो कुछ और करती हो कुछ लबों पर वफा की बातें मगर दिल में कुछ और पलता है अब तेरे झूठ की आहट पहचानने लगा हूं चेहरे पर मासूमियत मगर दिल में कुछ और छुपा कर रखती हो। 2. तेरी नखरो से मिजाज बिगड़ जाता है दिल हर बार तेरे इश्क में उलझ जाता है तू प्यार से एक बार देख ले मेरी हर धड़कन पर तेरा नाम ठहर जाता है। 3. दिल लगाने में मुश्किल बहुत है हर कोई दिल के काबिल नहीं होता यहां चेहरे की नहीं नियत की पहचान होती है जो दिल तक पहुंचे वो आम नहीं होता। 4. मैंने माना मैं यहां गलत हूं लेकिन इसका मतलब ये नहीं हर इल्जाम का हकदार हूं मैं फैसला करने से पहले सच का चेहरा देख लेना हर खामोश इंसान गुनहगार नहीं होता।
मैं बहका नहीं हूं मुझे बहकाया गया है बात कुछ और थी कुछ और बताया गया है मैं मुद्दे से भटका हूं क्योंकि चाल बाजों के द्वारा गलत समझाया गया है
जिस तरह अपनी अदाओं से बिजलियां गिराने लगी है मेरा दिल कह रहा है अब वो मान जाएगी सही वक्त का इंतजार है इजहार करूंगा अब वो बहुत जल्दी मेरी चाहतों से रूबरू हो जाएगी