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Love shayari in Hindi

1. तुम्हारे इरादे पता है मुझे कहती हो कुछ और करती हो कुछ लबों पर वफा की बातें मगर दिल में कुछ और पलता है अब तेरे झूठ की आहट पहचानने लगा हूं चेहरे पर मासूमियत मगर दिल में कुछ और छुपा कर रखती हो। 2. तेरी नखरो से मिजाज बिगड़ जाता है दिल हर बार तेरे इश्क में उलझ जाता है तू प्यार से एक बार देख ले मेरी हर धड़कन पर तेरा नाम ठहर जाता है। 3. दिल लगाने में मुश्किल बहुत है हर कोई दिल के काबिल नहीं होता यहां चेहरे की नहीं नियत की पहचान होती है जो दिल तक पहुंचे वो आम नहीं होता। 4. मैंने माना मैं यहां गलत हूं लेकिन इसका मतलब ये नहीं हर इल्जाम का हकदार हूं मैं फैसला करने से पहले सच का चेहरा देख लेना हर खामोश इंसान गुनहगार नहीं होता।

दर्द शायरी | बेवफा शायरी

Dard shayari | Bewafa Shayari (Hindi shayari)

बेवफा शायरी, बेवफा शायरी इन हिंदी

Bewafa Shayari, Bewafa Shayari in Hindi दौलत मिलते ही विचार बदल गए वह बेवफा हो गई उसके ख्वाब बदल गए मैं अपनी वफा से टूटकर बिखर हुआ हूं आजकल उसके हाल-चाल सारे बदल गए मैंने क्या-क्या ख्वाब नहीं देखा अपने घर परिवार की खुशहाली बनी रहे सब दमखम अपना ठोक दिया अब न मर पा रहा हूं न जी पा रहा हूं तकदीर ने मुझे ऐसे मोड़ पर छोड़ दिया तकदीर ने अजब से मोड़ पर लाकर साथ छोड़ा है जिसके लिए सब कुछ अपना गवा दिया उसने बेवफाई इस कदर किया कि अपनी सभी चाहतों के परखच्चे उड़ा दिया टूटे हुए दिल के जख्मों को जिसे भी दिखाता हूं सब लोग मुस्कुराते हैं तकलीफ ही कुछ ऐसी है मेरे हालात पर मिर्च मसाला लगाकर जाते हैं

बेवफा शायरी इन हिंदी | Bewafa Shayari in Hindi | Bewafa Shayari Hindi mein | shayari Sangrah

बेवफा शायरी इन हिंदी | Bewafa Shayari in Hindi | Bewafa Shayari Hindi mein | shayari Sangrah रह-रहकर टीस उठती है बेवफा होने का कारण जानना चाहता हूं मुझे बेकसूर सजा मिली है आखिर किस लिए अपनी गलतियों पर एक नजर डालना चाहता हूं अब घुट घुट के जीने की आदत हो गई है जिसके लिए दिलो जान निछावर किया वह मेरे लिए आफत हो गई है मुझे अधूरी मोहब्बत की तड़प बर्बाद किए जा रही है

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Love shayari in Hindi | shayari Hindi

Love shayari   जिंदगी भर जिसे अपना समझने की भूल करता रहा वो गैरों सा रुख मोड़ कर गए हैं अब हर मंजर में सिर्फ तन्हाई है दर्द बताना मुश्किल हो गया है किस हाल में छोड़ कर गए हैं जी जान से जुड़ चुका हूं तुम्हें अपनाने में अब कौन सा प्यार ढूंढ रही हो इस दीवाने में मैंने माना कुछ वक्त पहले अजनबी थी नजर से नजर मिली थी अनजाने में जिंदगी भर वफा की तलाश में रह गए हम ऐसे बेवफा के प्यार में रह गए

मैं बहका नहीं हूं - shayari Sangrah

मैं बहका नहीं हूं मुझे बहकाया गया है बात कुछ और थी कुछ और बताया गया है मैं मुद्दे से भटका हूं क्योंकि चाल बाजों के द्वारा गलत समझाया गया है जिस तरह अपनी अदाओं से बिजलियां गिराने लगी है मेरा दिल कह रहा है अब वो मान जाएगी सही वक्त का इंतजार है इजहार करूंगा अब वो बहुत जल्दी मेरी चाहतों से रूबरू हो जाएगी